Monday, 5 February 2018

सौरमंडल (Solar System)


सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले विभिन्न ग्रहों, क्षुद्रहों, धूमकेतुओं, उल्काओं तथा अन्य आकाशीय पिंडों के समूह को सौरमंडल कहते हैं।


सौरमंडल के पिंड 
अंतराष्ट्रीय खगोलशास्त्री संघ (International Astronomical Union - IAU) की प्राग सम्मलेन 24 अगस्त, 2006 के अनुसार सौरमंडल में मौजूद पिंडों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया - 
  1. परम्परागत ग्रह : बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण एवं वरुण।  
  2. बोन ग्रह  : प्लूटो, चेरोंन, सेरस।  
  3. लघु सौरमण्डलीय पिंड : धूमकेतु, उपग्रह, एवं अन्य छोटे खगोलीय पिंड।  
ग्रह क्या है ? 
ग्रह वह खगोलीय पिंड है जो निम्न शर्तों को पूरा करता हो - 
  1. जो सूर्य के चारों ओर परिक्रमा (घूमना) करता हो।
  2. उसमें पर्याप्त गुर्त्वाकर्षण बल हो, जिससे वह गोल स्वरुप ग्रहण कर  सके। 
  • परम्परागत ग्रहों की संख्या 9 से घटकर 8 रह गई है।  
  • ग्रहों की गति का नियम केप्लर ने प्रतिपादित क्या।  कुल 8 ग्रहों में से केवल पाँच को ही खुली आँखों से देखा जा सकता है।  जो हैं : बुध, शुक्र, शनि, बृहस्पति एवं मंगल।  
आकर के अनुसार ग्रहों का क्रम (घटते क्रम में) : बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध।  
घनत्वा के अनुसार ग्रहों का क्रम (बढ़ते क्रम में) : शनि, युरेनस, बृहस्पति, नेप्चून, मंगल एवं शुक्र।   

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