Friday, 19 January 2018

भारतीय संविधान की प्रमुख अनुसूचियाँ (Major Schedules of the Indian Constitution)


भारतीय संविधान में 12 अनुसूचियाँ हैं लेकिन यहाँ कुछ प्रमुख अनुसूचियों के वारे में बताया गया है।  


प्रथम अनुसूची : इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों (29 राज्य) एवं संघ शासित (7) क्षेत्रों का उल्लेख है।

पाँचवी अनुसूची :  इसमें विभिन्न अनुसूचित  क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के वारे में उल्लेख है।

सातवीं अनुसूची : इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बटवारे के वारे में दिया हुआ है।  इसके अंतर्गत तीन सूचियाँ आती हैं :
     1. संघ सूची : इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनाती है।  संविधान के लागू होने पर इसमें 97 विषय थे तथा 98 विषय हैं।  
     2. राज्य सूची : प्रमुख विषय - लोक व्यवस्था।
     3. समवर्ती सूची : (Concurrent List) : इसके अंतर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं।संविधान के लागू होने के समय इस सूची में 47 विषय थे तथा वर्तमान में 52 विषय हैं।

समवर्ती सूची में आने वाले प्रमुख विषय 
राष्ट्रीय जलमार्ग, परिवार नियोजन, जनसंख्या नियंत्रण, समाचार पत्र, कारखाने, शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक योजना।      

आठवीं अनुसूची :  

  • इसमें भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है। संविधान लागू होने के आठवीं अनुसूची में 14 भाषाएँ थीं।  
  • 1967 ई0 में सिंधी को और 1992 ई0 में कोंकणी, मणिपुरी, तथा नेपाली भाषाओं को आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया।  
  • 2004 में मैथिलि,संथाली, डोगरी एवं बोडो भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया।
ग्याहरवीं अनुसूची : 

  • यह अनुसूची संविधान में 73वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गयी   
  • इसमें पंचयती राज संस्थाओं  को कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान के लिए गए हैं। 
बाहरवीं अनुसूची : 
  • यह अनुसूची सविधान में 74वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गई है।  इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किये गए हैं।
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  • 42 वाँ संविधान संशोधन : इस संशोधन के द्वारा संविधान में 'समाजवादी' 'धर्मनिरपेक्षता' तथा 'राष्ट्र की एकता एवं अखंडता' जैसे शब्दों को जोड़ा गया।
  • रियासतों को भारत में सम्मिलित करने के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में रियासती मंत्रालय बनाया गया।  
  • जम्मू-कश्मीर रियासत को विलय पत्र पर हस्ताक्षर के द्वारा भारत में मिलाया गया।    
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