यूनानियों ने भारत को India तथा मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारों ने हिन्द तथा हिंदुस्तान के नाम से सम्बोधित किया। भारतीय इतिहास को तीन भागों में बाँटा जा सकता है -
1. प्राचीन भारत (Ancient India)
- भारत का सर्वप्राचीन ग्रन्थ वेद है, जिसके संकलनकर्ता महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास को माना जाता है। वेद चार हैं - ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद।
- प्राचीन भारत का महान विधि निर्माता मनु को माना जाता है।
- ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है। इसमें 10 मंडल 1028 सूक्त एवं 10462 ऋचाएँ हैं। वेद मंत्रों के समूह सूक्त कहा जाता है।
- इस वेद को पढ़ने वाले ऋषि को होतृ कहते हैं। विश्वामित्र द्वारा रचित ऋग्वेद के दूसरे मंडल में सूर्य देवता सावित्री को समर्पित प्रसिद्ध गायत्री मंत्र है।
- ऋग्वेद में इंद्र के लिए 250 तथा अग्नि के लिए 200 ऋचाओं की रचना की गई है। ऋग्वेद का रचनाकाल 7000 से 1500 ईसवी पूर्व है। सरस्वती नदी को सबसे पवित्र नदी माना गया है।
- इसका उपवेद है - आयुर्वेद।
- यह एक ऐसा वेद है जो गद्य एवं पद्य दोनों में है।
- इसका उपवेद है - धनुर्वेद
- यह गाई जा सकने वाली ऋचाओं का संकलन है। इसके पाठन करता को उद्रात्र कहते हैं। इसे भारतीय संगीत का जनक भी कहा जाता है।
- इसका उपवेद है - गंधर्ववेद।
- अथर्वा ऋषि द्वारा रचित इस वेद में रोग-निवारण, तंत्र-मंत्र, जादू-टोना, शाप-वशीकरण आदि का विवरण है। इसलिए इसे जादो-टोनो का वेद भी कहा जाता है।
- इसका उपवेद है - शिल्पवेद/अर्थशास्त्र
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Good knowledge sir
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