Monday, 8 January 2018

Bharat Ka Sambidhan

भारत का संविधान (Indian Constitution) 

1757 की प्लासी की लड़ाई और 1764 के बक्सर के युद्ध को अंग्रेजों  द्वारा जीत  लिए जाने के बाद बंगाल पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी ने शासन का शिकंजा कसा। इसी शासन को अपने अनुकूल बनाये रखने के लिए अंग्रेजो ने समय - समय पर कई एक्ट बनाये जिनके द्वारा भारतीय संविधान विकसित हुआ। जो प्रमुख एक्ट निम्न हैं _
1. 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट
        इस एक्ट के अंतर्गत कलकत्ता प्रेसीडेन्सी में एक ऐसी सरकार की स्थापना की गई, जिसमें गवर्नर जनरल और उसकी परिषद् के चार सदश्य थे, जो अपनी सत्ता का उपयोग संयुक्त रूप से करते थे।
2. 1788 का अमेण्डमेंट एक्ट 
         इस एक्ट के अंतर्गत भारत के गवर्नर जनरल को अपनी समिति के निर्णय को अस्वीकार करने का अधिकार मिला।   
3. 1833 का चार्टर अधिनियम 
        इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भारतीय कानूनों का संकलन करने, संहिताबद्ध करने और सुधरने के लिए एक विधि आयोग का गठन लॉर्ड मैकॉले की अध्यक्षता में किया गया था।
4. 1861 का भारत शासन अधिनियम 
        गवर्नर जनरल की कार्यकारणी परिषद् का विस्तार किया गया। गवर्नर जनरल को पहली बार अध्यादेश जारी करने शक्ति प्रदान की गई। 
5. 1935 का भारत शासन अधिनियम 
        1935 के अधिनियम में 451 धाराएं और 15 परिशिष्ट थे।
इस अधिनियम की मुख्य विशेषतयाएँ इस प्रकार हैं-
        1. केंद्र में द्वैध शासन की स्थापना 
6. 1947 का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 
       ब्रिटिश संसद  में  4 जुलाई, 1947 को 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम' प्रस्तावित किया गया, जो 18 जुलाई, 1947 को स्वीकृत हो गया।  इस अधिनियम में 20 धाराएँ थीं।  इस अधिनियम के प्रमुख प्रावधान निम्न हैं -
        1. दो अधिराज्यों की स्थापना - 15 अगस्त, 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो अधिराज्य बना दिए जाएंगे और उनको ब्रिटिश सत्ता सौंप देगी।  
        8. भारत एवं पाकिस्तान दोनों राज्यों के एक - एक गवर्नर जनरल होंगे, जिनकी नियुक्ति उनके मंत्रिमडल की सलाह से की जाएगी 

  • बी. आर. अम्बेडकर और महात्मा गाँधी के मध्य सन 1932 में हस्ताक्षरित पूना समझौते में हरिजनों के लिए आरक्षण सहित सयुंक्त निर्वाचन क्षेत्र का प्रावधान।  

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