- उद्देशिका एवं प्रस्तावना को पं0 जवाहर लाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया। संविधान की प्रस्तावना को संविधान की कुंजी कहा जाता है।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना के अनुसार भारत एक सम्प्रभुत्तासम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक गणराज्य है।
1. धर्मनिरपेक्षता : यह शब्द संविधान के 1976 में हुए 42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया। यह सभी धर्मों की समानता और धार्मिक सहिष्णुता सुनिश्चित करता है। भारत का कोई आधिकारिक धर्म है। यह न तो किसी धर्म को बढ़ावा देता है और न ही किसी से भेदभाव करता है। यह सभी धर्मों का सम्मान करता है व एक समान व्यवहार करता है।
2. सम्प्रभुता : सम्प्रभुता शब्द का अर्थ है सर्वोच्च या स्वतंत्र भारत किसी भी विदेशी और आंतरिक शक्ति के नियंत्रण से पूर्णतः मुक्त सम्प्रभुत्तासम्पन्न राष्ट्र है। यह सीधे लोगों द्वारा चुने गए एक मुक्त सरकार द्वारा शासित है तथा यही सरकार लोगों पर कानून बनाकर शासन करती है।
By Author : दोस्तों यदि आपका इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सबाल है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं और मैं आपके सबालों का उत्तर देने का अवश्य प्रयास करूँगा।
2. सम्प्रभुता : सम्प्रभुता शब्द का अर्थ है सर्वोच्च या स्वतंत्र भारत किसी भी विदेशी और आंतरिक शक्ति के नियंत्रण से पूर्णतः मुक्त सम्प्रभुत्तासम्पन्न राष्ट्र है। यह सीधे लोगों द्वारा चुने गए एक मुक्त सरकार द्वारा शासित है तथा यही सरकार लोगों पर कानून बनाकर शासन करती है।
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