Friday, 23 March 2018

पुराण, प्राचीन इतिहास के विदेशी स्रोत, पुरातत्व साक्ष्य || Puraan, Foreign Source of Ancient History

भारत का प्राचीन इतिहास 

पुराण 

  • इसके रचयिता लोमहर्ष अथवा  उनके पुत्र उग्रश्रवा माने जाते हैं।  पुराणों की संख्या 18 है।  
  • जातक में बुद्ध की पूर्व जन्म की कहानी वर्णित है।  अर्थशास्त्र के लेखक चाणिक्य ( कौटिल्य या विष्णुगुप्त ) हैं।  
पुराणों में संबंधित वंश 
पुराण                     सम्बंधित वंश
विष्णु पुराण             मौर्य वंश
मत्स्या पुराण           आंध्र सातवाहन
वायु पुराण              गुप्त वंश

विदेशी यात्रियों से मिलने वाली जानकारियाँ

  1. यूनानी-रोमन लेखक
    • हेरोडोटस : इसे इतिहास का पिता कहा जाता है।  इसने अपनी पुस्तक हिस्टोरिका में पाँचवी सताब्दी ईसा पूर्व के भारत-फारस के सम्बन्ध का वर्णन किया है।
    • मेगस्थनीज़ : यह सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, जो चन्द्रगुप्त मौर्य के राजदरबार में आया था।  इसने अपनी पुस्तक इण्डिका में मौर्य-युगीन समाज की संस्कृति के बारे में लिखा।  
    • टॉलमी : इसने दूसरी  सताब्दी में भारत का भूगोल नामक पुस्तक लिखी।    
  1. चीनी लेखक
    • फाहियान : यह चीनी यात्री गुप्त नरेश चन्द्रगुप्त द्वितीय के राजदरबार में आया था।  इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश के समाज एवं संस्कृति के बारे में वर्णन किया है।  
    • हुएनगसांग : यह हर्षवर्धन के शासन काल में भारत आया था।   
  2. अन्य 
    • मार्कोपोलो : यह 13वीं शताब्दी के अंत में पांडेय देश की यात्रा पर आया था।  
पुरातत्व सम्बन्धी साक्ष्य से  मिलने वाली जानकारियाँ 
  •  सर्वप्रथम 'भारत वर्ष' का जिक्र हाथी  गुम्फा अभिलेख में मिलता है।  सती प्रथा का पहला लिखित साक्ष्य एरण अभिलेख से प्राप्त होता है।  अभिलेखों का अध्ययन इपिग्राफी कहलाता है।  
  • प्राचीनतम सिक्कों को आहत सिक्के कहा जाता है।  इसी को साहित्य में काषार्पण कहा गया है।  सर्वप्रथम सिक्कों पर लेख लिखने का कार्य यवन शासकों ने किया।  

4 comments: